Sunday, July 24, 2011

नमक दाल भी नहीं बेचने देंगे

रिटेल बाजार में 51 फीसदी विदेशी निवेश की सिफारिश की गई है. सचिवों की कमेटी ने इसे मंजूरी दे दी है अब सरकार को आखिरी फैसला लेना है. यानि गरीबों के पेट पर एक और लात। घर के बगल में किराना का दुकान चलाने वाला पहले से ही सुपर स्टोर से परेशान था, अब विदेशी उसे नमक दाल भी नहीं बेचने देंगे। पता नहीं गरीबों का और कितना बुरा हाल होना है।

1 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

राम न जाने क्या होगा?

सत्येंद्र प्रसाद श्रीवास्तव के ब्लॉग पर आपका स्वागत है। ऐसे ही आते रहिए, अच्छा लगता है