है बड़ा अल्लाह न भगवान है, आदमी की भूख ही सबसे बड़ी है
एक लम्हा
जिंदगी का तलाशता
ही रह गया
पता ही नहीं चला
कब खत्म हो गई
जिंदगी।
सरल सा सच सरल से प्रस्तुत कर दिया।
ज़िंदगी इससे जूझने में ही पकड़ आती है।शुक्रिया।
कम शब्दों में सच्ची बात ....
Zindagi ki talash bhi ek mrigtrishna hai. Bahut achi rachna hai
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4 comments:
सरल सा सच सरल से प्रस्तुत कर दिया।
ज़िंदगी इससे जूझने में ही पकड़ आती है।
शुक्रिया।
कम शब्दों में सच्ची बात ....
Zindagi ki talash bhi ek mrigtrishna hai. Bahut achi rachna hai
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